स्थानीय

नीट सॉल्वर गैंग का मुजफ्फरपुर कनेक्शन: गया मेडिकल कॉलेज के दो छात्र गिरफ्तार, पुलिस की जांच में कई खुलासे

मुजफ्फरपुर के दो मेडिकल छात्र सॉल्वर गैंग में शामिल

नीट-यूजी परीक्षा में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग के तार अब मुजफ्फरपुर से जुड़ गए हैं। लखीसराय में हुई हालिया कार्रवाई के बाद पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। ये दोनों गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस चौथे वर्ष के छात्र हैं।

कौन हैं गिरफ्तार छात्र?

पकड़े गए आरोपियों की पहचान कांटी थाना क्षेत्र के हरचंदा गांव निवासी विवेक कुमार और सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित श्रमजीवी नगर निवासी अर्पित सिंह के रूप में हुई है। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने दोनों के घरों पर दबिश दी और परिजनों से पूछताछ की। कांटी पुलिस को विवेक कुमार का घर बंद मिला, जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों से उसके व्यवहार और गतिविधियों की जानकारी जुटाई।

मेडिकल कॉलेज में दाखिले के बाद बदली जीवनशैली

ग्रामीणों के अनुसार, विवेक ने पानापुर के बालाजी इंटर कॉलेज से पढ़ाई की थी। वर्ष 2022 में मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के बाद से ही उसका व्यवहार काफी बदल गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह गांव आने पर भी लोगों से दूरी बनाकर रखता था और ज्यादातर समय घर के अंदर ही बिताता था। उसके पिता सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल हैं और वर्तमान में अमेठी में तैनात हैं।

सॉल्वर गैंग का बड़ा नेटवर्क

सॉल्वर गैंग का यह नेटवर्क केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं है। इससे पहले नालंदा में हुई कार्रवाई के दौरान भी मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण के कई युवकों के नाम सामने आए थे। गिरोह के सदस्य नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को पास कराने के नाम पर 50 से 60 लाख रुपये तक की वसूली करते थे। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह का मास्टरमाइंड उज्ज्वल कुमार उर्फ राजा बाबू अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

जांच का दायरा बढ़ा

लखीसराय में हुई ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह मेडिकल और तकनीकी संस्थानों के छात्रों को अपने जाल में फंसाकर परीक्षाओं की शुचिता को तार-तार कर रहा है। पुलिस अब इन छात्रों के मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों की गहन जांच कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। पूरे राज्य में इस गिरोह के सक्रिय होने से छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप की स्थिति है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button