पारू अवर निबंधक आवासीय भवन निर्माण में देरी: सचिव ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, ठेकेदार पर कार्रवाई की समीक्षा
मुजफ्फरपुर: सरकारी परियोजनाओं में विलंब पर सख्त रुख
मुजफ्फरपुर जिले के पारू में अवर निबंधक के लिए बन रहे आवासीय भवन के निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी पर भवन निर्माण विभाग के सचिव ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। इस मामले में सचिव ने ठेकेदार के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सरकारी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत है।
सचिव ने मुजफ्फरपुर भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर आवासीय भवन का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्यों पूरा नहीं हो सका। इसके साथ ही, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं, इसकी भी जानकारी मांगी गई है। यह कदम सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अनुपस्थिति और जांच के आदेश
इस पूरे प्रकरण को लेकर आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल मुजफ्फरपुर को तलब किया गया था। हालांकि, यह जानकारी सामने आई कि वे वर्तमान में मुंगेर भवन प्रमंडल में पदस्थापित हैं और वीसी के दौरान अनुपस्थित पाए गए। उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, सचिव ने मुख्य अभियंता (उत्तर) को निर्देश दिया है कि वे तत्कालीन कार्यपालक अभियंता से इस विलंब के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त करें। इसके अतिरिक्त, मुख्य अभियंता को पूरे मामले की गहन जांच कर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया गया है।
इस आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी मुख्य अभियंता (उत्तर) और वर्तमान कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल मुजफ्फरपुर को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी भवनों के निर्माण में किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी संवेदकों (ठेकेदारों) के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
कर्मचारियों को आवास सुविधा का इंतजार
पारू अवर निबंधक कार्यालय के आवासीय भवन का निर्माण कर्मचारियों को आवश्यक आवास सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस परियोजना के पूरा होने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण यह महत्वपूर्ण योजना अभी भी अधूरी है। इससे न केवल सरकारी धन का अपव्यय हो रहा है, बल्कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधा में भी अनावश्यक विलंब हो रहा है। विभाग का यह सख्त रुख उम्मीद जगाता है कि जल्द ही इस परियोजना को गति मिलेगी और दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई होगी।
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