पुजारी का AI से बना अश्लील वीडियो वायरल, दो पर FIR दर्ज
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित मंदिर के प्रधान पुजारी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके बनाए गए अपने अश्लील और फर्जी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुजारी ने इस कृत्य को अपनी सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने की एक सुनियोजित साजिश बताया है।
शिकायत के अनुसार, किशुन नगर स्थित मंदिर के संस्थापक और प्रधान पुजारी ने कांटी के गेस्ट हाउस संचालक रजनीश कुमार और उज्ज्वल कुमार को नामजद आरोपी बनाया है। पुजारी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वर्ष 2000-2001 में झारखंड के रजरप्पा से आकर अपनी अर्जित भूमि पर इस भव्य मंदिर की स्थापना की थी और तब से वे समाज सेवा में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
पुजारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से रजनीश कुमार और उज्ज्वल कुमार उनके खिलाफ सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर झूठा प्रचार कर रहे थे। बीते 6 जुलाई को, आरोपियों ने कथित तौर पर AI तकनीक का इस्तेमाल कर पुजारी का एक अश्लील और पूरी तरह से फर्जी वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इस वीडियो का मुख्य उद्देश्य उनकी सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना, चरित्र हनन करना और उन्हें समाज में बदनाम करना था।
वीडियो वायरल होने के बाद, पुजारी को अपने शिष्यों और श्रद्धालुओं से लगातार फोन आने लगे, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा और उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति हुई। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो पूरी तरह से मनगढ़ंत और AI द्वारा निर्मित है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने इससे पहले 22 फरवरी को भी पुजारी के शिष्य मुकेश प्रियदर्शी से भयादोहन कर दो लाख रुपये की अवैध वसूली की थी। पुजारी ने इन सभी घटनाओं को एक संगठित साजिश का हिस्सा बताया है।
कांटी थानेदार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन छानबीन की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया से अश्लील सामग्री को हटवाने का भी प्रयास कर रही है। इस घटना ने AI तकनीक के दुरुपयोग और इसके संभावित गंभीर परिणामों पर चिंता बढ़ा दी है, खासकर जब इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है।
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