स्थानीय

बीआरए बिहार विवि में दाखिले का गणित: 10 हजार छात्रों ने बदले विषय और कॉलेज, चौथी सूची का इंतजार

यूजी नामांकन में बदलाव की लहर

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र के दौरान दाखिले की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को अपने विषय और कॉलेज चुनने में सुधार (एडिट) का अवसर दिए जाने के बाद, 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपने विकल्पों में बदलाव किया है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से स्नातक स्तर पर नामांकन के आंकड़ों में 10 से 15 हजार तक की वृद्धि हो सकती है।

पसंदीदा कॉलेज की चाहत

विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, छात्र मुख्य रूप से अपने पसंदीदा कॉलेजों में सीट पाने के लिए विषयों में बदलाव कर रहे हैं। अब तक तीन मेरिट लिस्ट जारी की जा चुकी हैं, लेकिन नामांकन की कुल संख्या अभी भी एक लाख के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है। स्थिति यह है कि कुछ चुनिंदा विषयों जैसे इतिहास और हिंदी में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं, जबकि कई अन्य विषयों में बड़ी संख्या में सीटें अभी भी रिक्त पड़ी हैं।

प्रतीक्षा सूची का दबाव

डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह के अनुसार, तीन चरणों की काउंसलिंग के बाद भी 40 हजार से अधिक छात्र अभी भी प्रतीक्षा सूची में हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब इन रिक्त सीटों को भरने के लिए चौथी मेरिट सूची तैयार कर रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि विषय और कॉलेज बदलने वाले छात्रों को प्राथमिकता मिलने के बावजूद, बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की संभावना बनी हुई है।

नए कॉलेजों की सुस्त रफ्तार

इस सत्र में प्रदेश के नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में भी पहली बार नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन संस्थानों में हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास और समाजशास्त्र जैसे विषयों के लिए प्रति विषय 48 सीटें निर्धारित की गई हैं। हालांकि, इन नए कॉलेजों में नामांकन की स्थिति फिलहाल उत्साहजनक नहीं है और यहां 30 से 40 फीसदी सीटें ही भर पाई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब चौथी सूची के माध्यम से इन रिक्तियों को भरने की कवायद में जुटा है ताकि शैक्षणिक सत्र को समय पर सुचारू रूप से चलाया जा सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button