बोचहां में रहस्यमय ढंग से दर्जनों हारिल पक्षियों की मौत, नशीले पदार्थ की आशंका
मुजफ्फरपुर: बोचहां में दर्जनों हारिल पक्षियों की मौत से हड़कंप
मुजफ्फरपुर के बोचहां प्रखंड परिसर में निर्माणाधीन करनपुर उत्तरी पंचायत सरकार भवन के पास शुक्रवार सुबह दर्जनों हारिल पक्षी मृत पाए गए। पेड़ों से पक्षियों को गिरते देख स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुछ मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम किया गया।
पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र कुमार झा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पक्षियों में किसी बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि पीपल के पेड़ के ‘पकुआ’ (फल) खाने के बाद पक्षियों की हालत बिगड़ी होगी, जिससे उनकी मौत हुई। डॉ. झा ने यह भी संभावना व्यक्त की है कि पकुआ में कोई नशीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है।
हारिल पक्षी, जिसे हरियल कबूतर भी कहा जाता है, कबूतर की ही एक प्रजाति है। इसकी एक खास विशेषता यह है कि यह आमतौर पर पेड़ से नीचे नहीं उतरता। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही व्यतीत करता है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना के पीछे एक सक्रिय गिरोह का हाथ होने का संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह गिरोह पक्षियों को मारने के लिए पकुआ में शहद के साथ जहरीला लेप लगा देता है। जहरीला पकुआ खाने के बाद पक्षी मरकर नीचे गिर जाते हैं, और गिरोह के सदस्य उन्हें उठाकर ले जाते हैं। यह एक गंभीर आरोप है जिस पर प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
फिलहाल, पशुपालन विभाग इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस घटना ने क्षेत्र में पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
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