मुजफ्फरपुर जंक्शन से चलेंगी बिहार संपूर्ण क्रांति समेत तीन नई ट्रेनें? रेलवे ने मांगी फिजिबिलिटी रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर जंक्शन के कायाकल्प के साथ ही यहां से ट्रेनों की संख्या में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है। अमृत भारत योजना के तहत जंक्शन पर चार नए प्लेटफॉर्म और एक अपग्रेडेड वाशिंग पिट का निर्माण हो रहा है। इसी क्रम में पूर्व मध्य रेलवे ने मुजफ्फरपुर से तीन प्रमुख ट्रेनों के परिचालन या विस्तार की संभावनाओं पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। इन ट्रेनों में पटना-नई दिल्ली बिहार संपूर्ण क्रांति सुपरफास्ट, पाटलिपुत्र-एलटीटी सुपरफास्ट और पटना-वास्को द गामा सुपरफास्ट शामिल हैं। इसके अलावा, सुपौल-पुणे एक्सप्रेस को भी मुजफ्फरपुर से चलाने पर विचार किया जा रहा है।
रेलवे के ऑपरेटिंग विभाग ने पटना, पाटलिपुत्र और सुपौल से चलने वाली इन ट्रेनों के मुजफ्फरपुर तक विस्तार की योजना तैयार की है। स्थानीय स्तर पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू हो गया है और जल्द ही इसे जोन को सौंपे जाने की संभावना है।
उत्तर बिहार के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
इन ट्रेनों के मुजफ्फरपुर तक विस्तार से उत्तर बिहार के लाखों रेल यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। वर्तमान में मुजफ्फरपुर से मुंबई और बांद्रा के लिए केवल एक-एक ट्रेन उपलब्ध है, जबकि गोवा के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। बिहार संपूर्ण क्रांति और पाटलिपुत्र-एलटीटी के विस्तार से मुंबई के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, वहीं पटना-वास्को द गामा के मुजफ्फरपुर से चलने पर गोवा के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
इसके साथ ही, सुपौल-पुणे एक्सप्रेस के मुजफ्फरपुर से परिचालन से सुपौल के लिए भी ट्रेनों की संख्या दो हो जाएगी। वर्तमान में ललितग्राम तक विस्तारित वैशाली एक्सप्रेस ही मुजफ्फरपुर से सुपौल जाने वाली एकमात्र ट्रेन है। इन विस्तारों से पटना जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।
वाशिंग पिट की क्षमता बढ़ाना भी ज़रूरी
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर वर्तमान में दो वाशिंग पिट हैं – एक पूर्ण लंबाई का और दूसरा छोटा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ती है, तो दोनों वाशिंग पिट पर एक साथ 24 बोगियों वाली ट्रेनों का रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए इनकी लंबाई बढ़ानी होगी। एक ट्रेन के प्राथमिक रखरखाव में लगभग सात घंटे का समय लगता है और वर्तमान में यहां औसतन प्रतिदिन तीन ट्रेनों का रखरखाव होता है। ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर रखरखाव में परेशानी न हो, इसके लिए वाशिंग पिट की क्षमता बढ़ाना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
यह पहल मुजफ्फरपुर को एक महत्वपूर्ण रेल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।



