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मुजफ्फरपुर में 1100 निजी स्कूलों पर लटकी तलवार: मान्यता और यू-डाइस कोड की होगी सघन जांच

मुजफ्फरपुर जिले में शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। जिले के कुल 1100 निजी स्कूलों की व्यापक जांच शुरू की जा रही है, जो 10 जून तक चलेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन स्कूलों की पहचान करना है जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं या जिनके यू-डाइस कोड और प्रस्वीकृति संबंधी दस्तावेज अधूरे या संदिग्ध हैं।

डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान सुजीत कुमार ने इस संबंध में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल अभी भी चल रहे हैं जिनके पास कोई वैध मान्यता नहीं है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी शामिल है। इस जांच के लिए बीईओ सहित अन्य अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं, जो सभी प्रखंडों में जाकर स्थलीय सत्यापन करेंगी।

600 से अधिक स्कूलों को कभी नहीं मिला यू-डाइस कोड

जांच में सामने आया है कि जिले में 600 से अधिक निजी स्कूल ऐसे हैं जो वर्षों से संचालित हो रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी यू-डाइस कोड आवंटित नहीं हुआ। इन स्कूलों ने न तो कभी इसके लिए आवेदन किया और न ही उन्हें कभी मान्यता मिली। यह स्थिति शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित मानकों का सीधा उल्लंघन है।

इसके अतिरिक्त, लगभग 500 स्कूल ऐसे हैं जिनके पास यू-डाइस कोड तो है, लेकिन उनमें से दर्जनों की तीन साल की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है। ऐसे स्कूलों ने अपनी मान्यता के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है या नहीं, इसकी भी गहन पड़ताल की जाएगी।

जांच के प्रमुख बिंदु:

  • स्कूल को प्रस्वीकृति (मान्यता) प्राप्त है या नहीं। यदि है, तो किस अवधि तक वैध है।
  • यदि मान्यता की अवधि समाप्त हो गई है, तो क्या स्कूल ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है।
  • प्रस्वीकृति प्राप्त और यू-डाइस कोड वाले ऐसे स्कूल जो वर्तमान में संचालित नहीं हैं, उनकी स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना।

यह अभियान मुजफ्फरपुर में शिक्षा के स्तर को सुधारने और अवैध रूप से चल रहे शिक्षण संस्थानों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि जिले में केवल मान्यता प्राप्त और मानकों का पालन करने वाले स्कूल ही संचालित हों, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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