स्थानीय

मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर एसवीयू की टेढ़ी नजर: 344 करोड़ के सीवरेज काम की होगी गहन जांच

स्मार्ट सिटी परियोजना की फाइलों में खंगाली जा रही गड़बड़ी

मुजफ्फरपुर में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सीवरेज नेटवर्क और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम अब जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। ऋशु श्री रिश्वतकांड से जुड़े तार अब इस बड़े प्रोजेक्ट तक पहुंच गए हैं, जिसके बाद तोशिबा वाटर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। विशेष कार्य इकाई (एसवीयू) इस पूरे मामले में वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध भुगतान की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

50 करोड़ की अतिरिक्त लागत पर उठ रहे सवाल

जांच का मुख्य केंद्र परियोजना की लागत में हुई अप्रत्याशित वृद्धि है। शुरुआती अनुबंध के अनुसार, इस काम का बजट 294.92 करोड़ रुपये तय किया गया था। हालांकि, बाद में इसमें 50 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 344.92 करोड़ रुपये कर दिया गया। अब एसवीयू यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन तकनीकी आधारों पर यह अतिरिक्त राशि मंजूर की गई थी। क्या यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी या इसमें नियमों को ताक पर रखकर किसी बड़े खेल को अंजाम दिया गया, इसकी फाइलें खंगाली जा रही हैं।

धीमी रफ्तार और जनता की परेशानी

बजट में भारी इजाफे के बावजूद, धरातल पर काम की स्थिति बेहद निराशाजनक है। शहर के कई हिस्सों में सीवरेज का काम अधूरा पड़ा है, जिससे आम लोगों का जीवन दूभर हो गया है। सड़कों पर खुले मेनहोल और ऊंचे-नीचे ढक्कन राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। नगर निगम की बैठकों में भी पार्षदों ने इस मुद्दे पर तीखा विरोध दर्ज कराया है।

  • परियोजना की कुल लागत 344.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
  • एसवीयू ने संदिग्ध भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
  • निर्माण कार्य में देरी और गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

प्रशासनिक गलियारों में इस जांच को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी शहर को सीवरेज की बुनियादी सुविधा नहीं मिल सकी है। अब देखना यह है कि जांच के बाद किन अधिकारियों और कंपनियों पर कार्रवाई की गाज गिरती है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button