बिहार में अब घर बैठे होगा संपत्ति का निबंधन: सम्राट चौधरी ने दिखाई ‘पेपरलेस निबंधन मोबाइल वैन’ को हरी झंडी
बिहार में संपत्ति निबंधन की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाजीपुर में ‘पेपरलेस निबंधन मोबाइल वैन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल से राज्य के नागरिकों को अब घर बैठे ही अपनी संपत्ति का निबंधन कराने की सुविधा मिल सकेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
यह नई व्यवस्था बिहार सरकार के डिजिटलीकरण अभियान का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक सुलभ और कुशल बनाना है। ‘पेपरलेस निबंधन मोबाइल वैन’ एक चलता-फिरता कार्यालय है, जिसमें संपत्ति निबंधन से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। यह वैन दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगी, जहां लोगों को निबंधन कार्यालय तक जाने में कठिनाई होती है।
कैसे काम करेगी यह सुविधा?
- नागरिकों को अब निबंधन कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
- मोबाइल वैन निर्धारित स्थानों पर पहुंचेगी, जिसकी जानकारी पहले से दी जाएगी।
- वैन में मौजूद कर्मचारी संपत्ति के दस्तावेजों की जांच करेंगे।
- बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटो खींचने की प्रक्रिया भी वैन में ही पूरी की जाएगी।
- सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, संपत्ति का निबंधन मौके पर ही पेपरलेस तरीके से कर दिया जाएगा।
- इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
- यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल बिहार को डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में मदद करेगी। उन्होंने जोर दिया कि सरकार जनता को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना का विस्तार पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
इस ‘पेपरलेस निबंधन मोबाइल वैन’ की शुरुआत से संपत्ति निबंधन की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। यह न केवल प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ाएगा। बिहार के नागरिकों के लिए यह एक बड़ी राहत है, जो अब बिना किसी परेशानी के अपनी संपत्ति का निबंधन करा सकेंगे। यह कदम राज्य में सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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