उत्तर बिहार उद्यमी संघ विवाद: संजीव चौधरी ने समानांतर चुनाव को बताया ‘साजिश’, वैधता पर उठाए सवाल
मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार उद्यमी संघ में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद गहरा गया है। संघ के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने दूसरे गुट द्वारा कराए गए कथित समानांतर चुनाव प्रक्रिया को ‘साजिश’ करार देते हुए उसकी वैधता को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया संघ के नियमों के विरुद्ध है और इसे मान्यता नहीं दी जा सकती।
चौधरी ने बताया कि संघ की आमसभा की बैठक बीते 1 सितंबर को संपन्न हुई थी। इस बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया था। अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में उन्हें 147 मत प्राप्त हुए थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार को मात्र सात मत मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में पराजित हुए प्रत्याशी ने दोबारा चुनाव कराकर खुद को अध्यक्ष घोषित करने का प्रयास किया है, जो पूरी तरह से अनुचित है।
संजीव चौधरी के अनुसार, कथित समानांतर चुनाव में केवल 20-25 उद्यमी ही उपस्थित थे। इतनी कम संख्या में सदस्यों की उपस्थिति किसी भी चुनाव प्रक्रिया को वैध नहीं बना सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ की वैध चुनाव प्रक्रिया के तहत ही पदाधिकारियों का चयन होता है और इस प्रकार की मनमानी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
यह घटनाक्रम उत्तर बिहार उद्यमी संघ के भीतर चल रही आंतरिक कलह को उजागर करता है। चौधरी ने अपने बयान में इस ‘समानांतर चुनाव’ को संघ की छवि खराब करने और सदस्यों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश बताया है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक गतिविधियों से दूर रहें और संघ की एकता बनाए रखने में सहयोग करें।
इस विवाद के बाद, संघ के भविष्य और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि संघ का दूसरा गुट संजीव चौधरी के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है। फिलहाल, संजीव चौधरी ने संघ के वैध अध्यक्ष के रूप में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और समानांतर चुनाव को पूरी तरह से फर्जी बताया है।
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