मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार में भारी बारिश का अलर्ट: उमस से राहत, वज्रपात का खतरा
मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तर बिहार को भीषण गर्मी और उमस से जल्द ही राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने 11 से 13 जुलाई तक क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम का पूर्वानुमान और तापमान में गिरावट
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केन्द्र द्वारा जारी नवीनतम मौसम बुलेटिन के अनुसार, 11 से 13 जुलाई के बीच उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा होगी। शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने भी लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी थी, लेकिन कई स्थानों पर जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
विशेष रूप से मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सीवान, तथा पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों में 11 और 12 जुलाई को भारी वर्षा का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं मौसम को और भी सुहावना बनाएंगी। लगातार बारिश के कारण मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों का अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस तक सिमट जाएगा।
किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों और पशुपालकों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की है:
- किसानों के लिए: वर्षा जल का अधिकतम लाभ उठाएं और मध्य जुलाई तक धान की उन्नत किस्मों (जैसे प्रभात और राजेन्द्र भगवती) की बुआई पूरी कर लें। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, वे रोपाई का काम तेजी से निपटा सकते हैं। ऊंचे स्थानों वाले खेतों के लिए धान के बजाय अरहर, मडुआ, कौनी या सूर्यमुखी जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती का विकल्प सुझाया गया है। साथ ही, आम के नए पौधों की रोपाई की भी सलाह दी गई है।
- पशुपालकों के लिए: अपने पशुओं को बरसात का गंदा पानी पीने से बचाएं। उन्हें पौष्टिक आहार के साथ-साथ समय पर कृमिनाशक दवा देना सुनिश्चित करें।
वज्रपात से बचाव
बारिश के दौरान कहीं-कहीं वज्रपात (आकाशीय बिजली) की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले में या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। यह मौसम बदलाव जहां एक ओर गर्मी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर कुछ सावधानियों की भी मांग करता है।
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