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मुजफ्फरपुर में अब सड़कों के आधार पर तय होगी जमीन की कीमत, बढ़ेंगे MVR और सरकारी राजस्व

मुजफ्फरपुर में अब सड़कों के आधार पर तय होगी जमीन की कीमत, बढ़ेंगे MVR और सरकारी राजस्व

मुजफ्फरपुर जिले के नगर निगम क्षेत्र से बाहर के नगर निकायों में अब जमीन की खरीद-बिक्री के लिए सड़कों की श्रेणी के आधार पर न्यूनतम मूल्य रजिस्टर (MVR) तय किया जाएगा। यह पहली बार है जब इन क्षेत्रों में जमीन के वर्गीकरण के लिए सड़कों को आधार बनाया जा रहा है, जिससे जमीन की कीमतें बढ़ने और सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।

अब तक केवल मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र में ही सड़कों को अधिसूचित कर जमीन की श्रेणी निर्धारित की जाती थी। जिले के तीन नगर परिषद – मोतीपुर, कांटी और साहेबगंज – तथा सात नगर पंचायतें – बरूराज, माधोपुर सुस्ता, तुर्की कुढ़नी, सकरा, मीनापुर, मुरौल और सरैया – में पुराने सिस्टम से ही जमीन का निबंधन हो रहा था। पिछले महीने सरकार द्वारा नगर निकायों के लिए जमीन की छह नई श्रेणियां तय की गई थीं, जिसके आधार पर अब इन सभी नगर निकायों में सड़कों की श्रेणी को शामिल किया जा रहा है।

इस नई व्यवस्था के तहत, प्रमुख सड़कों के आसपास के क्षेत्रों को चिह्नित कर उन्हें ‘प्रधान मुख्य’ और ‘मुख्य सड़क’ के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। इसके बाद इन क्षेत्रों में जमीन का नया MVR तय होगा। सभी निकायों से रिपोर्ट आने के बाद जिला मूल्यांकन समिति इस पर अंतिम मुहर लगाएगी। इस बदलाव से इन क्षेत्रों की जमीन जो अब तक व्यावसायिक, आवासीय या विकासशील के रूप में बिक रही थी, अब ‘प्रधान मुख्य सड़क’ या ‘मुख्य सड़क’ के साथ व्यावसायिक और आवासीय भूमि के रूप में वर्गीकृत होगी। इससे MVR वर्तमान से कई गुना अधिक हो जाएगा, जिससे जमीन की बाजार दर और सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी।

हालांकि, यह माना जा रहा है कि जमीन की बाजार दर पहले से ही MVR से कई गुना अधिक थी, लेकिन क्रेताओं को कम स्टांप और निबंधन शुल्क देना पड़ता था। अब जब MVR और वर्तमान बाजार दर लगभग एक समान होंगी, तो सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त होगा।

किस नगर निकाय में कितनी सड़कें होंगी अधिसूचित?

  • मोतीपुर नगर परिषद: यहां सबसे अधिक 62 सड़कों का वर्गीकरण किया गया है। इनमें एक प्रधान मुख्य सड़क (NH 27) और 61 मुख्य सड़कें शामिल हैं।
  • कांटी नगर परिषद: 56 सड़कों को अधिसूचित किया जाना है, जिनमें पांच प्रधान सड़कें और 51 मुख्य सड़कें हैं।
  • साहेबगंज नगर परिषद: सबसे कम 21 सड़कों को अधिसूचित किया जाएगा, जिनमें चार प्रधान और 15 मुख्य सड़कें हैं।
  • तुर्की कुढ़नी नगर पंचायत: नगर पंचायतों में सबसे अधिक 48 सड़कें चिह्नित की गई हैं, जिनमें पांच प्रधान मुख्य सड़कें हैं।
  • माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत: 18 सड़कें अधिसूचित होंगी, जिनमें एक प्रधान मुख्य सड़क (कच्ची पक्की से तरेगन चौक-केरमा रोड) है।
  • बरूराज नगर पंचायत: छह सड़कें अधिसूचित होंगी, जिनमें एक प्रधान मुख्य सड़क है।
  • मीनापुर नगर पंचायत: सात अधिसूचित सड़कें होंगी, जिनमें एक प्रधान मुख्य सड़क है।
  • सरैया नगर पंचायत: पांच अधिसूचित सड़कें होंगी, जिनमें एक प्रधान मुख्य सड़क है।
  • सकरा नगर पंचायत: आठ अधिसूचित सड़कों में दो प्रधान मुख्य सड़कें शामिल हैं (NH 28 से जुड़ी सभा चौक से फेशन जोन सुजावलपुर और सबहा चौक से ऐनुल हक चौक सड़क)।
  • मुरौल नगर पंचायत: 21 ऐसी सड़कें हैं, जिनमें चार प्रधान मुख्य सड़कें हैं।

यह नई व्यवस्था मुजफ्फरपुर के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संपत्ति के मूल्यांकन और खरीद-बिक्री के तरीके में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और सरकारी खजाने पर सीधा असर पड़ेगा।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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