मॉडल अस्पताल में महिला मरीजों का हंगामा: पुरुष टेक्नीशियन पर दुर्व्यवहार का आरोप, सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश
मुजफ्फरपुर के मॉडल अस्पताल में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब ईसीजी केंद्र पर महिला मरीजों ने जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने पुरुष टेक्नीशियन द्वारा ईसीजी किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और उन पर जांच के दौरान गलत व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। मरीजों ने जांच कराने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
महिला मरीजों का कहना था कि पुरुष टेक्नीशियन जांच के दौरान उनके साथ ठीक से पेश नहीं आते और उनका व्यवहार आपत्तिजनक होता है। उन्होंने यह भी बताया कि चार दिन पहले भी इस संबंध में शिकायत की गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
सिविल सर्जन ने लिया संज्ञान, दिए सख्त निर्देश
हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और मरीजों से बातचीत की। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ड्यूटी पर तैनात महिला ईसीजी टेक्नीशियन रूबी कुमारी केंद्र से नदारद थीं। इस लापरवाही पर सिविल सर्जन ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
डॉ. सुधीर कुमार ने तत्काल प्रभाव से महिला टेक्नीशियन रूबी कुमारी का वेतन काटने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में महिला मरीजों की सुविधा और सम्मान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और इसके लिए महिला कर्मियों की तैनाती अनिवार्य है। सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
मौके पर मौजूद महिला मरीजों ने सिविल सर्जन को बताया कि यह पहली घटना नहीं है। चार दिन पहले भी उन्होंने पुरुष टेक्नीशियन द्वारा ईसीजी किए जाने पर आपत्ति जताई थी और इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी। महिलाओं का आरोप था कि पुरुष कर्मी का व्यवहार ठीक नहीं होता और वे गलत तरीके से पेश आते हैं। हालांकि, उस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जिसके कारण आज फिर उन्हें हंगामा करने पर मजबूर होना पड़ा।
सिविल सर्जन ने इस पहलू को भी गंभीरता से लिया और कहा कि पिछली शिकायत पर कार्रवाई न होने के मामले की भी जांच की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि मरीजों, विशेषकर महिला मरीजों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन इस घटना के बाद महिला मरीजों के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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