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रौतनिया डंपिंग यार्ड: विधायक के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन का एक्शन, कचरा निस्तारण का रास्ता साफ

मुजफ्फरपुर के रौतनिया स्थित कचरा डंपिंग यार्ड को लेकर स्थानीय विधायक ई. अजीत कुमार द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। विधायक ने 31 जुलाई तक संतोषजनक प्रगति न होने पर 1 अगस्त से कचरा गिराने पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद स्वच्छता निदेशक सह अपर सचिव विजय मीणा और नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कचरा निस्तारण के लिए ठोस योजना प्रस्तुत की, जिससे स्थानीय लोगों का आक्रोश फिलहाल शांत हुआ है।

वर्षों से दूभर जीवन: स्थानीय लोगों की पीड़ा

रौतनिया डंपिंग यार्ड मुजफ्फरपुर शहर के कचरे का दशकों से बोझ ढो रहा है। विधायक ई. अजीत कुमार ने बताया कि वर्षों से पूरे शहर का कचरा यहां डंप होने से आसपास के लोगों का जीवन दूभर हो गया है। दुर्गंध, मक्खियों और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण स्थानीय लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। प्रदूषित वातावरण ने दर्जनों गांवों के सामाजिक जीवन को भी प्रभावित किया है, जिससे विवाह जैसे रिश्तों में भी कठिनाइयां आ रही हैं। कई निजी विद्यालयों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है।

विधायक ने इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ ‘आर-पार की लड़ाई’ लड़ने की बात कही थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले वर्ष दिसंबर में तत्कालीन डीएम सुब्रत कुमार सेन ने स्थल का निरीक्षण कर शीघ्र कचरा निष्पादन का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं हो सका था।

प्रशासन का आश्वासन: आधुनिक तकनीक से होगा कचरे का निपटारा

मंत्री नीतीश मिश्रा एवं प्रधान सचिव के निर्देश पर स्वच्छता निदेशक सह अपर सचिव विजय मीणा तथा नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने डंपिंग यार्ड का दौरा किया। विजय मीणा ने स्वीकार किया कि यहां लगभग एक लाख मीट्रिक टन कचरा जमा है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं।

अधिकारियों ने कचरा निस्तारण के लिए एक विस्तृत योजना प्रस्तुत की:

  • कचरा निष्पादन के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है।
  • आवश्यक मशीनें भी डंपिंग यार्ड तक पहुंच चुकी हैं।
  • मौसम अनुकूल रहने पर एक सप्ताह के भीतर कार्य तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा।
  • आधुनिक एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) प्लांट स्थापित किया जाएगा।
  • इस प्लांट में सूखे और गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण होगा।
  • विभागीय योजना के तहत गीले कचरे से गैस तैयार कर तेल कंपनियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

अधिकारियों के इन आश्वासनों के बाद स्थानीय लोगों एवं समर्थकों की मौजूदगी में विधायक के समक्ष यह जानकारी दी गई, जिससे लोगों का आक्रोश शांत हुआ। उम्मीद है कि इन प्रयासों से रौतनिया के लोगों को जल्द ही कचरे की समस्या से निजात मिलेगी और उनका जीवन सामान्य हो पाएगा।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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