स्थानीय

मुजफ्फरपुर नगर निगम: सशक्त स्थायी समिति का चुनाव संपन्न, चार नए चेहरों को मिली कमान

नगर निगम की अहम समिति में हुआ बदलाव

मुजफ्फरपुर नगर निगम की सबसे प्रभावशाली इकाई मानी जाने वाली ‘सशक्त स्थायी समिति’ के सात सदस्यों का चुनाव शनिवार को जिला सभागार में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इस चुनाव के नतीजों ने निगम की भविष्य की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक दिशा को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। कुल 46 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर शहर के विकास की बागडोर संभालने वाले प्रतिनिधियों का चयन किया।

पुराने दिग्गजों की वापसी और नए चेहरों का उदय

चुनाव परिणामों के अनुसार, पिछली समिति के तीन सदस्यों ने अपनी साख बचाते हुए दोबारा जीत हासिल की है, जबकि चार नए पार्षदों ने पहली बार इस समिति में प्रवेश कर सबको चौंका दिया है। विजयी प्रत्याशियों में वार्ड 28 के राजीव कुमार, वार्ड 10 के अभिमन्यु कुमार, वार्ड 14 के अमित रंजन, वार्ड 42 की अर्चना पंडित, वार्ड 40 के इकबाल हुसैन, वार्ड 15 की गणिता देवी और वार्ड 5 के मनोवर हुसैन शामिल हैं।

राजीव कुमार, अभिमन्यु कुमार और अमित रंजन ने अपनी पुरानी स्थिति बरकरार रखी है। वहीं, अर्चना पंडित, इकबाल हुसैन, गणिता देवी और मनोवर हुसैन का समिति में शामिल होना निगम की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, केपी पप्पू और सुरभि शिखा जैसे वरिष्ठ पार्षदों को इस बार हार का सामना करना पड़ा है।

रोचक रहा चुनावी मुकाबला

मतगणना के दौरान कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। वार्ड 15 की पार्षद गणिता देवी ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की, जिन्होंने आरती राज को 33 मतों के बड़े अंतर से हराया। वहीं, वार्ड 5 के मनोवर हुसैन और सुरभि शिखा के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा, जिसमें मनोवर हुसैन केवल दो मतों से विजयी रहे। राजीव कुमार ने केपी पप्पू को 32 के मुकाबले 12 मतों से पराजित किया, जबकि अन्य सीटों पर भी पार्षदों ने अपने समर्थकों के साथ जीत दर्ज की।

विकास कार्यों पर असर

सशक्त स्थायी समिति नगर निगम का वह मुख्य केंद्र है, जहां शहर के बजट, विकास योजनाओं की स्वीकृति और बड़े प्रशासनिक निर्णयों पर मुहर लगती है। इस समिति के गठन के साथ ही अब शहर के लंबित विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। नई टीम के सामने अब शहर की बुनियादी समस्याओं को सुलझाने और आगामी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी चुनौती होगी। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात पर चर्चा तेज है कि नई समिति के आने से निगम की कार्यशैली में क्या बदलाव आएंगे।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button