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मुजफ्फरपुर: नाबालिगों के देह व्यापार का भंडाफोड़, 500 से 5000 में होता था सौदा; व्हाट्सएप पर तय होते थे रेट-लोकेशन

मुजफ्फरपुर में देह व्यापार रैकेट का खुलासा: पार्लर नेटवर्क से जुड़े तार, कई गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में ब्यूटी और मसाज पार्लरों की आड़ में चल रहे एक बड़े देह व्यापार रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों को रेस्क्यू किया है और माया कुमारी तथा जलपाईगुड़ी निवासी पूनम सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि नाबालिग लड़कियों को काम दिलाने का झांसा देकर इस धंधे में धकेला जा रहा था।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान गुरुवार को विभिन्न पार्लरों में छापेमारी कर एक पुरुष और 12 महिलाओं को हिरासत में लिया गया था। इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब पानापुर करियात थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग की तलाश शुरू हुई। जांच में पता चला कि यह नाबालिग इंस्टाग्राम के जरिए बेंगलुरु के एक युवक से मिली थी और 12 जुलाई को उससे मिलने मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी, जहां उसकी मुलाकात संजय साह उर्फ सूरज साह से हुई। आरोप है कि संजय ने उसे काम और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर ब्यूटी पार्लर तक पहुंचाया और फिर कथित तौर पर देह व्यापार में धकेल दिया।

तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने संजय को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग को बरामद किया गया। नाबालिग से मिली जानकारी के बाद शहर में सक्रिय पार्लर नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की कड़ियां सामने आईं। विशेष टीम ने शहर के विभिन्न ब्यूटी और मसाज पार्लरों में छापेमारी की, जिसमें दो नाबालिगों को बचाया गया।

व्हाट्सएप पर तय होते थे रेट और लोकेशन

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ग्राहकों तक लड़कियों को पहुंचाने के लिए पहले उनकी तस्वीरें भेजी जाती थीं। ग्राहक द्वारा फोटो पसंद करने के बाद व्हाट्सएप पर रेट और मिलने की जगह साझा की जाती थी। पुलिस को कुछ मामलों में 500 से लेकर 5000 रुपए तक के रेट तय किए जाने की जानकारी मिली है। पूनम और माया कुमारी की भूमिका ग्राहकों से संपर्क साधने, लड़कियों की तस्वीरें भेजने, रेट और लोकेशन तय करने और मुलाकात की व्यवस्था करने में सामने आई है।

स्टेशन से बस स्टैंड तक सक्रिय था संजय

पुलिस के अनुसार, संजय साह उर्फ सूरज साह का काम रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में काम की तलाश में भटक रही लड़कियों को निशाना बनाना था। वह उन्हें काम दिलाने और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर अपने संपर्क में लेता था और फिर पार्लरों तक पहुंचाता था। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए इस नेटवर्क में शामिल ग्राहकों और बिचौलियों की पहचान कर रही है।

छापेमारी और वैज्ञानिक साक्ष्य

धर्मशाला चौक के कटही पुल रोड इलाके में हुई छापेमारी के दौरान कुछ लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। डीएसपी पश्चिमी-वन सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में टीम ने कई लोगों को पकड़ा। छापेमारी के बाद एफएसएल टीम ने पार्लरों से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। रूदल ठाकुर, काजल देवी, चिंता देवी उर्फ रीना देवी और पूजा देवी के पार्लरों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने मरजिना खातून, सुलेखा कुमारी, चिंता देवी उर्फ रीना देवी, सुमांती देवी, सोनी देवी और रीना वर्मण सहित कुछ महिलाओं के मोबाइल जब्त किए हैं, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है। इस मामले में रूदल ठाकुर समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है और अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी कनेक्शन की भी जांच कर रही है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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