मोतिहारी के शातिर गिरोह का मुजफ्फरपुर में पर्दाफाश: बिजली तार और ट्रांसफार्मर चोरी में एक गिरफ्तार, लाखों का नुकसान
मुजफ्फरपुर में बिजली उपकरणों की चोरी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बरूराज थाना पुलिस ने एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बिजली के तार और ट्रांसफार्मर चोरी के आरोप में एक व्यक्ति को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मोतिहारी से संचालित होता था और मुजफ्फरपुर सहित आसपास के जिलों में बिजली आपूर्ति को बाधित कर रहा था।
पुलिस ने गोपीनाथपुर के पास निर्माणाधीन 33 केवी लाइन से लगभग 1.8 किलोमीटर बिजली का तार काटते हुए आरोपी दीपक कुमार को गिरफ्तार किया। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर उसके छह साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने घटनास्थल से काटा गया तार भी बरामद कर लिया है।
ऐसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश
यह कार्रवाई मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद बिजली उपकरणों की चोरी रोकने के अभियान के तहत की गई। बरूराज थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर में एनबीपीडीसीएल की 33 केवी लाइन का निर्माण कार्य चल रहा था। 27 जुलाई की सुबह करीब चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि कुछ अज्ञात लोग निर्माणाधीन बिजली का तार काट रहे हैं। सूचना मिलते ही बरूराज थानेदार कुणाल कुमार कश्यप अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दीपक कुमार को धर दबोचा। दीपक मोतिहारी के पिपरा थाना क्षेत्र के मधुछपरा का रहने वाला है।
आरोपी ने कबूला जुर्म, खोले कई राज
गिरफ्तार दीपक कुमार ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि महंगे कपड़े पहनने और तेज रफ्तार गाड़ियां चलाने के शौक ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। आर्थिक तंगी के कारण वह गांव के अपने दोस्तों गोलू और इंद्रलोक के माध्यम से गिरोह के सरगना प्रकाश कुमार उर्फ साह के संपर्क में आया और चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा।
दीपक ने पुलिस को बताया कि इस गिरोह ने 9 जुलाई को मोतिहारी के गढ़हिया में 23 पोल का तार काटा था, जिसके बदले उसे 8 हजार रुपये मिले थे। इसके बाद, 15 जुलाई को बरूराज के जनता कॉलेज और मिडिल स्कूल के पास से एक ट्रांसफार्मर चोरी किया गया। वहीं, 17 जुलाई को देवरिया चौक के पास से 34 पोल का तार भी इसी गिरोह ने चुराया था।
निर्माण एजेंसी ने दर्ज कराई FIR
इस मामले में निर्माण एजेंसी जेके इलेक्ट्रिक कॉन्ट्रैक्टर के साइट सुपरवाइजर मेवालाल यादव के आवेदन पर बरूराज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब फरार हुए अन्य छह आरोपियों की तलाश में जुट गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। इस गिरोह के पर्दाफाश से बिजली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
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