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मुजफ्फरपुर में कचरे का अंबार: सफाईकर्मियों की हड़ताल से जनजीवन अस्त-व्यस्त, श्रावणी मेला भी प्रभावित

मुजफ्फरपुर में सफाईकर्मियों की हड़ताल से गहराया संकट

मुजफ्फरपुर शहर इन दिनों कचरे के ढेर में तब्दील होता जा रहा है, जिसका मुख्य कारण सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल है। श्रावणी मेले के बीच यह स्थिति श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। दो दिनों से जारी इस हड़ताल ने नगर निगम सहित जिले के सभी नगर निकायों में सफाई व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। लगातार हो रही बारिश ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है, जिससे गंदगी और बदबू का साम्राज्य फैल गया है।

मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

सफाई कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर यह हड़ताल संविदा कर्मियों की सेवा नियमित करने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ‘समान काम, समान वेतन’ देने की मांग को लेकर की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसे और तेज किया जाएगा। यूनियन नेता अशोक राय ने घोषणा की है कि शनिवार सुबह सभी हड़ताली कर्मचारी अपने-अपने घरों से थाली लेकर निकलेंगे और पूरे शहर में थाली बजाते हुए जुलूस निकालेंगे, ताकि सरकार और नगर निगम प्रशासन का ध्यान उनकी मांगों की ओर आकर्षित किया जा सके।

शहर के प्रमुख इलाकों में कचरे का ढेर, आवागमन मुश्किल

हड़ताल का सबसे अधिक असर श्रावणी मेले पर पड़ रहा है, जहां दूर-दराज से आने वाले कांवरियों को गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। शहर के कई प्रमुख इलाकों जैसे जवाहरलाल रोड, तिलक मैदान, सरैयागंज टावर-सिकंदरपुर रोड, स्टेशन रोड, अघोरिया बाजार, कांवरिया पथ, आमगोला और आरडीएस कॉलेज रोड पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। दो दिनों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव बंद होने से लोगों के घरों में भी कचरा जमा होने लगा है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।

नगर निगम कार्यालय का घेराव, कामकाज ठप

शुक्रवार सुबह हड़ताली कर्मचारियों ने पुरानी गुदरी रोड स्थित बहलखाना परिसर में एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने जुलूस निकालकर नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप करा दिया। कर्मचारियों ने निगम के अन्य दफ्तरी कर्मचारियों से भी हड़ताल का समर्थन करने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान नगर आयुक्त कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन कर्मचारियों की भीड़ और प्रदर्शन को देखते हुए वे वहां से निकल गए। इसके बाद कार्यालय के अन्य कर्मियों ने भी काम बंद कर सफाई कर्मियों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। मुजफ्फरपुर की यह स्थिति शहर के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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